मैं जब काम में रहती हूं तो मुझे कोई जरूरत नहीं पडती किस बात की लेकीन अकेली रहती तो मुझे बहुत ही अकेलापन मेहसुस होता है तो मैं कुछ तो गुनगनाती हूं उसमे मेरा दिल भी लगता है और नया कुछ समझ में आता है.इसलिए मैं कविता लिखना ,गाणा ज्यादा पसंद करती हुं. मेरी ये कला से लोग मुझे अच्छी तरह जान रहे है मुझे भी अच्छा लगता है और एक बात है की गावं में रहने वाले लोगो को अधिक जाणकारी देना हो तो गाना , कविता , पथनाट्य के जरिए जानकारी देशी चाहिए ऐसे मुझे लगता है. और आगे भी मै ये कला डेव्हलप करने का सोच रही हूं .
Arts & Culture
Technology
Gender-based Violence
Human Rights
South and Central Asia
Like this story?
Join World Pulse now to read more inspiring stories and connect with women speaking out across the globe!
Leave a supportive comment to encourage this author