World Pulse

join-banner-text

Never give up



73वि घटना दुरुस्ती हुई और आरक्षण जाहिर हआ में चुनाव में खड़ी हुईऔर चुकरभी आगई. मेरा सतता सहभाग शुरुहुआ दिल मे फिट था और पति भी मुझे बारबार बतारहे थे की आप गावकेलीये अछाकाम करो मेरा पुरा सहयोग रहेगा. ईस वजहसे मेरा हौसला और बढगया था 1985को मेरे गणेशपुर गांव मे बाढ आई पुरा मेरावारड (प्रभाग)मे पाणी भर गया ये परीसथिती पंधरा दिनमे 8 बार बाढ आचुकिथी तलाठी. रिपोर्टर भी जाचुकि थी मै मेरे जिनलोगोका नुकसान हुआ ऊनको लेकर मै सरकारी दपतरोमे. कंपलेनट करकरके परेशान थी कि कोई सरकारी मदत मेरे लोगोकोमिले  पर कोई फायदा  नही हुआ उसी दौरान मंत्री महोदय मां मां मा मनिशशंकर अययर साहाब बाकी बयोरा लेने मेरे जिलहा  (भंडारा) मे आये हेै यह बात मुझे पता चलि तो ऊस समय शाम के ठिक 7 बज चुकेथे मैने पुरी महिला को ईकठा किया और रेसटहाऊस मे जाहा मंत्री जी थे वहा हमसभी महीलाये गई.  मंत्री महोदय थोडा हकका बकका रहगये कारण रातके आठ बज चुके थे. ऊनहोने सभी सरकारी अफसरोको लाईनसे खडाकिया और पूछा बताओ ये सब  महिला बतारहिहै की बाढ आठ बार आचुकिहै फिर ऊनको सरकारी मदत कयो नही मिलि  मुझे अभीकेअभी रिपोर्ट बताओ.   तो  पटवारी रिपोर्ट  पढा कि गणेशपुर गाव मे बाढ सीरफ एकही बार आई और कोई नुकसान नही हुआ  यह रिपोर्ट  सुनकर महिलाये और मै बहोत चिढ गई थी हमने मंत्री जी से कहा की साहाब अगर आपके सरकारी अफसर अगर एक रात अपने बीबी बच्चे सहित रातभर हमारेधरोमे जाहा रहणा मुश्किल है मकान गीर गये हैं वाहा ये रातभर ठीक से सो पायेंगे तो. हमे सरकारी मदत मत देना  साहाब येसब झुट रिपोर्ट बता रहेहै मै ऊस वारड (परभाग)की पंचायत सदस्य हु आप फीरसे चौकशी किजीये.    तो मंत्री जी ने ऑर्डर किया की?कल सूबह आठ बजेतक चौकशी करके मुझे रिपोर्ट सादर करो.   हमे बहूत तसल्ली हुई   और पुरी चौकसी होकर मेरे गांव के लोगों.  को परहेड 500रु के हिसाबसे पैसै मिले गेहु 50किलो चावल दाल रॉकेट खानेका तेल  ऐैसी सभी चिजोका फायदा मिला मुझे बहोत मानसीक आनंद मिला और पताचला कि सरकारी रिपोरट झुटिभी भेजी जाती है.   पर अपने हक के किये लडना बोहोत जरूरी है 

  • Economic Power
  • Leadership
  • Human Rights
    • South and Central Asia
    Like this story?
    Join World Pulse now to read more inspiring stories and connect with women speaking out across the globe!
    Leave a supportive comment to encourage this author
    Tell your own story
    Explore more stories on topics you care about